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Sunday, July 16, 2017

मैं तेरा हूँ तू मेरी है

मैं भी  रोया  तू भी रोई , पर  रोने  से क्या होता है,
मैं  तेरा  हूँ  तू  मेरी  है  , जुदा  होने से  क्या होता हैं। 

है कौन भला इस दुनिया में , जिसको कोई गम होता है
जाने से दूर सनम से भी , ये प्यार कहाँ कम होता है। 

जकड़े जाते हैं तन लेकिन , मन बांध कहाँ कोई पाता है,
जब आँख देखती है सपने , मन का पंछी उड़ जाता है। 

दुनिया को नही मंजूर है ये , कोई प्यार भरा अफसाना हो,
चाहे जितने भी हो दुश्मन , पर ना कोई दीवाना हो। 

मिलती हैं सजाएं उल्फत में , पत्थर बरसाए जाते हैं,
यारा कर्ज मुहब्त में , ऐसे ही चुकाए  जाते है। 

फिर उठेंगी ऊँची दिवारे , लाखों फतवे जारी होंगे,
जिसे देख कयामत रोएगी , वो सितम ऐसे भारी होंगे। 

ममता देने वाली आँचल , बिल्कुल छोटी पर जायगी,
खुशियाँ देने वाली आँखे , गम आँखों में भर जायगी। 

टूटेंगे जब दो दिल तबही, इस दुनिया को राहत होगी,
महफिल में नफरतवालों के , फिर से रुसवा चाहत होगी।

इस प्रेम डगर में दीवानी  ,  इक मंजिल है दो राहें है,
उस ओर जमाने की रौनक , इस ओर दर्द और आहें है। 

काँटों से भरे इन राहों पे , चल पाना बड़ा मुश्किल होगा,
दम निकलेगा अरमानों का , छलनी-छलनी ये दिल होगा।  

 
ऐसा ना हो आगे बढके , फिर से पीछे मुड जाना  हो,
चलने से पहले सोंच जरा , ना की पीछे पछताना हो। 

अच्छा होगा तू सुलझाले ,अपनी उमीदों की उलझन, 
ऐसा ना हो तेरे कारण  , जख्मी हो मेरा दिवानापन। 

ये सौदा दिलों का होता है , ये खेल बड़ा ही मुश्किल है,
तेरे पास जमाने की दौलत , मेरे पास तो बस मेरा दिल है। 

हर गम दुनिया के सह लेगा , ये गम ना दिल सह पायेगा,
मैं रोक पाउंगा दिल को , दर्दे गम में बह  जायगा। 

इस दम ही मुझको भूल के तू , कोई ढूंढ़ ले नये बहाने को,
या तो दे वफाओं की रौनक , या मार दे फिर दीवाने को। 

क्या खोना है क्या पाना है , जो करना है इस दम कर ले,
अपनाले या फिर ठुकरादे , अपनी उलझन  को कम कर ले। 

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