Google+ Followers

Wednesday, May 11, 2016

बंदगी का इल्म

ऐे खुदा मुझे माफ़ करना हो नही जाना खफा , 
बंदगी का इल्म ना था हो गई मुझसे खता ,
मैं नमाजों में गई तो जप रही थी राम को ,
मंदिरों में बैठ कर मैं याद कर आई खुदा ॥ 




Aie Jha'n Mujhe Maaf Krna, Ho Nhi Jana Khafa ,
Bandagi Ka ILm Na tha Ho Gai Mujhse Khta ..
Mai Nmajo'n Me Gai To Jap Rahi Thi Raam ko ,
Mndiro'n Me Baithkr Mai Yaad Kr Aai Khuda ....

सजाए - जुदाई

सवाल और जवाब की मोहलत कहाँ  मिली ,
सजाए - जुदाई मिली मैंने क़ुबूल की। 



Swal Aur Jwab Ki Mohlat Kaha Mili ,,,,
Sjaye - Judai Mili ,Maine Kubul Ki .......

किसको सजा मिली

वो बेवफा था इसलिए मैं उसको नहीं मिली ,
अब तुम ही बताओ दोस्तों किसको सजा मिली ॥ 


Vo Bevfa Tha Isliye Mai Usko Nhi Mili ,,,
Ab Tum Hi Btao Dosto'n Kisko Saja Mili .....

खुशियों के दिन

गम न कर , की खुशियों के दिन कम ही होते हैं ,
दामन में मुहब्बत के हमेशा गम ही होते हैं ॥ 


Gam n kr, ki khushio'n ke Din Km Hi Hote Hai,,,,
Damn Me Muhbbat Ke Hmesha Gm Hi Hote Hai'n.....

दिल की मरम्म्त

फ़टी हुई है मुहब्ब्त की सिलाई यारो ,
वक़्त के हाथ से अब दिल की मरम्म्त होगी ॥ 


Fti Hui Hai Muhbbat Ki Silai Yaro ,,
Wqt Ke Hath Se Ab Dil Ki Marmmat Hogi .....

तुझे ख़ुदा बना दिया

तेरे हुजूर में झुका तेरे महबूब का सर ,
मुहब्ब्त ने तुझे ख़ुदा बना दिया आखिर ॥ 


Tere Hujur Me Jhuka Tere Mahboob Ka Sr ,,,,
Muhbbat Ne Tujhe Khuda Bna Diya Aakhir ....

बर्बादियों की थी ख्वाहिश

ये मेरा इश्क था या बर्बादियों की थी ख्वाहिश ,
मैंने अपने खिलाफ खुद रची थी ये साजिश। 



Ye Mera Ishk Tha, Ya Brbadio'n Ki Thi Khwahish,,,
Haye,,,! Maine Apne Khilaf Khud Rachi Thi Ye Sajish .....

इंसानियत

इंसानियत बात बहुत दूर की है बात अभी ,  
आदमी-आदमी बन जाये तो भी अच्छा होगा। ... 


Insaniyat Bat Bhut Dur Ki Hai Bat Abhi ,,,
Aadmi Aadmi Ho Jaye To Bhi Achcha Hoga .....

खाब टूटे बुन रही हूँ

वही टेढ़ी सलाई जो सही बनती नहीं है ,
उसी से फिर से अपने खाब टूटे बुन रही हूँ ॥


Vahi Tedhi Salai Jo Sahi Bunti Nhi Hai ,,,,,,
Usi Se Fir Se Apne Khab Tute Bun Rahi Hu'n .


मैंने तो इबादत की है

तुम बदल सकते हो तुमने तो मुहब्ब्त की है ,,,
मैं ख़ुदा कैसे बदलूँ मैंने तो इबादत की है ॥ 



Tum Badl Sakte Ho ,, Tumne To Muhbbat Ki Hai ,,,,,


Mai KHUDA Kaise Badlu Maine To Ibadat Ki Hai .....

मैं गहरे डूब गई

न निभानी थी झूठी कसमें बस खाली तुमने ,
मैं गहरे डूब गई जान बचाली तुमने। .... 



N Nibhani Thi Jhuthi Kasme Bs Khali Tumne ,,,,
Mai Gahre Dub Gai Jaan Bchali Tumne .....