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Thursday, October 29, 2015

दिल नही टूटा

तूने भी पत्थर के दिल रख लिए 'सुमन '
तोड़ने वाले टूट गए तेरा दिल नही टूटा। ....... 




Tune bhi ptthar Ke dil rkh liye "SUMAN"
Todne Wale Tut Gye Tera Dil Nhi Tuta ....


कसम है तुझे ऐ दिल

अगर हश्र यही हुआ करती है मुहब्बत की ,
तो कसम है तुझे ऐ दिल , 
जो तूने किसी से मुहब्बत की।  



Agr Hashra ye Hua krti Hai Muhbbat Ki, 
To Ksm Hai Tujhe Aie Dil Jo Tune Kbhi Muhbbat Ki..




Wednesday, September 2, 2015

Frnzz watch my Mehandi song - Mehndi lgalu skhi(maithili vivah geet)

वो जीत के हारा

आँखें नम उसकी थी ,दिल टूटा मेरा था,
मैं हार के जीत गई वो जीत के हारा था ।।


Aankhe nm uski thi dil tuta mera tha ,
Main har ke jeet gai vo jeet ke haara tha.




भूल जाना मुझे

जाते - जाते उसने कहा था "भूल जाना मुझे ",
और यही इक बात मैं आजतक नही भूली ।।


jate - jate usne kaha tha bhul jana mujhe ,
Aur yhi ik baat mai aajtk nhi bhuli .....




कहने भर से क्या होता है

कहने भर से क्या होता है लाख मुहब्बत तू करता है।
दुनीयाँ भर से डरता है जो खाक मुहब्बत तू करता है।।


khne bhr se kya hota hai lakh muhbbat tu krta hai ,
Duniya bhr se drta hai jo khak muhbbat tu krta hai .


Friday, July 24, 2015

kavitapath ( 12-07-2015)

इम्तहान

मैं बेगुनाह हूँ फिर भी वो खफा है मुझसे ,
'सुमन' मुहब्बत में इम्तहान अभी बाँकी है ।।


Main begunah hun Fir Bhi Vo Khafa Hain Mujhse ,
Suman Muhbbat Me Imthan Abhi Banki Hai .....



Sunday, July 19, 2015

ईद मेरी

खड़ी मैं छत पे रहूँ और गली से वो जाए ,
उसका दीदार  हो और ईद मेरी हो जाए ।।


Khadi Mai Chhat Pe Rahu Aur Gali Se Vo Jaye,,
Uska Didar Ho Aur EID Meri Ho Jaye .................


Wednesday, July 15, 2015

बेजान रिश्ते

बोझ लगता है सफर , रास्ते वीरान लगे ,
बेजान लगते हैं रिश्ते बिना मुहब्बत के ।| 



Bojh Lgta Hai Safar Raste Viran Lge ,
Bejan Lgte Hai Rishte Bina Muhbbat Ke .........








दूरियां मुहब्बत में

इसलिए दूरियां बढ़ती गई मुहब्बत में ,
हमसे रूठा न गया उनसे मनाया न गया ।


Isliye Duriya Bdhti Gai Muhbbat Me  ,
Hmse Rutha N gya Unse Mnaya N Gya .......




दिल की बीमारी

दिल की बीमारी लाइलाज यूँ नही होती ,
वो दर्द देते रहें हर रोज दवाई की तरह । ।


Dil Ki Bimari Lailaj Yun Nhi Hoti ...
Vo Drd Dete Rhe Hr Roj Dvai Ki Trh ....



Tuesday, July 7, 2015

प्यार मुहब्बत धोखा है

ऐ दिल समझता ही तू नही कई बार तुझे समझाया है ,
ये खेल नही तेरे बस का ये प्यार मुहब्बत धोखा है । ।




Aye Dil Smjhta Hi Tu Nhi Kai Bar Tujhe Smjhaya Hai ,
Ye Khel Nhi Tere Bs Ka Ye Pyar Muhbbat Dhokha Hai ...............



प्यार से मुकर जाना

प्यार करके कभी प्यार से मुकर जाना ,
इससे अच्छा है 'सुमन' डूब कहीं मर जाना ।


Pyar Krke Kbhi Pyar Se Mukr jana ,
Isse Achcha Hai "Suman " Dub Khin Mr Jana ...........













दिल का दर्द

टुटा हुआ दिल दिखाई तो नही देता मगर। …………। 
टूटते हुए दिल का दर्द देखा तो होगा तुमने मेरी आँखों में।




Tuta Hua Dil Dikhai To Nhi Deta Magar ,


Tutate Huye Dil Ka Drd Dekha To Hoga Tumne Meri Aankho Me.........











दांव पर मुहब्बत

इम्तहान तो है तेरे प्यार का लेकिन 
दांव पर आज मेरी मुहब्बत लगी है ।


Imtahan To Hai Tere Pyar Ka Lekin 
Dao Pr Aaj Meri Muhbbat Lgi Hai ............





सौ बार नाम तेरा लिया है

हर गली से कूँचों से हर डगर से पूछ ले ,

हर साँस में सौ बार नाम तेरा लिया है ।


Hr Gli Se Kuncho Se hr Dagar Se Puchh Le ,
Hr Sans Me Sau Bar Nam Tera Liya Hai .....







दिल के टूटने के बाद

ये सोंच कर वो परेशान बहुत रहते है .......
क्यूँ हम टूटे नही है दिल के टूटने के बाद ।



ye sonch kr vo preshan bhut rahte hain ,
kyun hm tute nhi hain dil ke tutne ke bad ....


दर्द देने वाले

रस्में -उल्फ़त में करम इतना तो किया होता ।
ऐ दर्द देने वाले......कभी दवा भी दिया होता ||


Rasme -ulfat me krm itna to kiya hota ,
Aie drd dene vale.......dva bhi diya hota.



...

Sunday, June 14, 2015

वफायें आजमाना छोड़ दो

या तो तुम मेरी जिंदगी में आना - जाना छोड़ दो ,
या तो फिर मेरी वफायें आजमाना छोड़ दो । । 


Ya To Tum Meri Jindgi Me Aana Jana Chhod Do ,
Ya To Fir Meri Vfaye'n Aajmana Chhod Do ....



सच्ची मुहब्बत कौन करेगा

खत लिख कर वो पूछ रहे हैं ,
अब भी मुहब्बत बाँकी है क्या ,


दूर हुए तुमसे तब जाना ,
सच्ची मुहब्बत कौन करेगा । ।




Khat Likh Kar Vo Puchh Rhe Hai'n ,
Ab Bhi Muhbbat Banki Hai Kya ,


Tumse Dur Huye Tb Jana ,
Schchi  Muhbbat Kaun Krega ..





Thursday, June 11, 2015

तेरी बातें करती हूँ

बेचैनी का आलम ये है हरपल आहें भरती हूँ ,
तन्हाई में दिवारों से तेरी बातें करती हूँ । ।


Bechaini Ka Aalam Ye Hai Hrpl Aahe'n Bharti Hu'n ,,,,
Tnhai Me Diwaro'n Se teri Bate'n Krti Hun......


Monday, June 1, 2015

प्यार का काँटा

दो बूंद खुदा रहमत मेरी झोली में डाल दे ,
सीने से मेरे प्यार का काँटा निकल दे । ।


Do Bund Khuda Rahmat Meri Jholi Me Dal De,,
Sine Se Mere Pyar Ka Kanta Nikal De.....



Saturday, May 30, 2015

तू बेवफा

सूरत से तेरी सीरत का अंदाजा न हो सका ,
तू बेवफा निकलेगा ये सोचा ही नही था । । 


Surat Se Teri Sirat Ka Andaja Na Ho Ska ...

Tu Bevfa Niklega Ye Socha Hi Nhi Tha ...





Wednesday, May 27, 2015

जारी रहा सफर

पत्थर मिले काँटे मिले तूफां मिला मगर ,
ठहरे न हम चलते रहें जारी रहा सफर ॥ 


Patthar Mile Kante Mile Tufa'n Mila Magar,,,
Thahre N Hm Chlte Rhe'n Jari Rha Safar ...



Saturday, May 16, 2015

शिकायत

दिल जब भी अपनी शिकायत कर नही पाता ,
मुझ से भी कई रोज तक बातें नही करता । ।






मैं तेरे बिन रह लूंगी

मेरी हार रही तेरी जीत सही , मैं तेरे लिए ये सह लूंगी ,
तू मेरे बिना रह लेगा तो जा मैं भी तेरे बिन रह लूंगी । 


Meri Haar Rhi Teri Jeet Shi ,, Mai Tere Liye Ye Sh Lungi , ,,
Tu Mere Bina Rh Lega To Ja Mai Bhi Tere Bin Rh Lungi ......





मेरी शायरी मेरी कहानी है

जज्बात ये दिल के सच्चे हैं बाकि दुनियाँ बेमानी है ,
मेरे शब्द मेरे जीवन -रस हैं मेरी शायरी मेरी कहानी है । 



Jajbat Ye Dil Ke Schche Hai Baki Duniya Bemani Hai,,,,,

Mere Shbd Mere Jivan Ras Hai Meri Shayri Meri Khani Hai....

 




Sunday, May 10, 2015

दिल से दूर

नामुमकिन सा हो गया है लौटना वापस ,
अब बहुत दूर निकल आये हैं तेरे दिल से ,,,,


Namumkin Sa Ho Gya Hai Lautna Vaps,,,,,
Ab Bhut Dur Nikl Aaye Hai'n Tere Dil Se ,,


चाँद और चाँदनी

बिना आहट किये चुपचाप बैठ कोने में ,
चाँद फिर रात भर जागेगा चाँदनी के लिए ,  


Bina Aaht Kiye Chupchap Baith Kone Me,,,,
Chand Fir Rat Bhr JAgega Chandni Ke Liye,,,,


चाहते रहो मुझको

ये जरूरी नही तुम चाहो मुझे हद से ज्यादा ,
ये जरूरी है की बस चाहते रहो मुझको ,,,


Ye Jaruri Nhi tum Chaho Mujhe Hd Se Jada ,,
Ye Jruri Hai Ki Bs Chahte Rho Mujhko ....



तेरे प्यार में

प्यार भी दर्द भी तन्हाई भी मदहोशी भी ,
इक तेरे प्यार में क्या - क्या नही सहा दिल ने ,,,


Pyar Bhi Drd Bhi Tnhai Bhi Madhoshi bhi ,
Ik Tere Pyar Me Kya - Kya Nhi Sha dil Ne ...





Happy MOthers DaY @ 2015

मेरी ख़ुशी में खुश होती है , मेरे गम में रो देती है ,
सच्ची मुहब्बत करने वाली बस दुनियाँ में माँ होती है ,


Meri Khushi Me Khush Hoti Hai , Mere Gam Me Ro Deti Hai ,
Sachchi Muhbbat Krne Wali Bas Duniyan Me Maa Hoti Hai ...



Wednesday, April 22, 2015

दिल का गुजारा न हुआ

हाल ऐसा तो कभी पहले हमारा न हुआ ,
दर्द भी दिल को कभी इस कदर प्यारा न हुआ ,




पास होके भी तुझसे दिल की खुमारी न गई ,
दूर जाके भी तुमसे दिल का गुजारा न हुआ ।।


frnzz watch and share my video song ,,-------- jiye he dulha dulhin

ख़ुशी रोने लगी

हद से ज्यादा मुहब्बत जब होने लगी ,
उनको हमसे शिकायत तब होने लगी ,


रंग ऐसे बदलने लगी जिंदगी ,
गम हंसने लगा ख़ुशी रोने लगी । ।


Sunday, March 29, 2015

कहानी - खाली लिफाफ

                                            कहानी का शीर्षक - खाली लिफाफ 

एक बंगले के बाहर मोटा सा ताला लटका देखकर एक चोर आधी रात को चोरी करने गया  । वो एक खुली हुई खिड़की से बँगले के अंदर घुसा । चोर ने पूरा मकान छान मारा पर उसे कोई भी कीमती सामान नही मिला । तभी उसे किसी के खाँसने की आवाज सुनाई दी  । वो पर्दे के पीछे छिप गया । उसने अँधेरे में बिछावन पर एक आकृति देखी । वो और सावधान हो गया ।  ,तभी सरसराहट हुई और एक बूढी औरत उठकर बिछावन पर बैठ गई  । 

बूढी औरत ने खाँसते हुए आवाज लगाई - आ गया बेटा । दवा लाया है । लगता है मुझे आज दिन से ही फिर बुखार आ गया है । दिखाई तो अब साफ़ देता नही दवाई कैसे खाती । फिर इंदू ( नौकरानी ) मुझे डाँटती है की मैं दवाई नही खाती  । बेटा बोलता क्यूँ नही । आ गया क्या । तेरी बीबी भी है क्या पास में । कलमुंही ने पता नही क्या जादू कर दिया है मेरे बेटे पर । श्रवण कुमार जैसा मेरा बेटा अब डर - डर के जीता है ।

 बीमारी के कारण कमजोर बुढ़िया की आवाज लड़खड़ाने लगी और वो जोर - जोर से खाँसने लगी । चोर चुपके से भागने के लिए खिड़की की लपका तो हल्की सी आहट हो गई। 

बूढी औरत ने एक बार फिर साँस भर के आवाज लगाई - बेटा एक ग्लास पानी तो  दे दे । पूरा बदन बुखार से तप रहा है । ये इंदू है न ये भी मेरा कहा नही सुनती । पानी - पानी मांगती रहती हूँ पानी नही देती । निकाल दे इसे नौकरी से । कामचोर है ये ।


चोर खिड़की से बाहर झाँकता है , फिर बूढी औरत की ओर देखता है ।  कुछ सोंचकर वापस आता है और समीप से बुढ़िया को देखता है । इतनी कमजोर , लाचार बुजुर्ग को देखकर उसे तरस आ जाता है । वो बुढ़िया को पानी पिलाने का संकल्प करके ग्लास में पानी डालकर बुढ़िया को देता है ।

बूढी औरत खुश होकर उसके मुँह पर हाथ फेरते हुए कहती है - मुकेश बेटा चुप - चुप क्यूँ है । खाना खाया बेटा ।

चोर सकपका जाता है फिर ताकत समेटकर बुढ़िया से कहता है - अम्मा मैं मुकेश का दोस्त हूँ राजीव । तू बीमार है न इसलिए मुझे मुकेश ने तेरे पास भेजा है । वो थोड़ी देर में आएगा ।
पानी पिलाते समय चोर का हाथ बुढ़िया के हाथ से लगता है और उसे पता चलता है की सच में वो बुखार से तप रही है। चोर की नजर बिछावन के निचे रखे दवाई के डब्बे पर पड़ती है । वो सोंचता हैं क्यूँ न जाते - जाते एक बुखार की दवा देता जाऊं। ये सोंचकर वो डब्बे से बुखार की दवा तलाशने लगता है ।
बूढी औरत उत्सुकता से  - अच्छा ,राजीव कौन ।  अरे गाँव में जो मुकेश के साथ पढ़ता था वो । सुनार का बेटा ।  तू भी शहर में रहता है अब ।


चोर दवा खिलाते हुए कहता है - ये दवा खालो अम्मा । और अम्मा मैं तो कभी तेरे गाँव गया ही नही ।

बूढी औरत दवा खाके आश्चर्य से पूछती है - अच्छा तो तू क्या मुकेश के पापा जी के दोस्त शिवप्रसाद जी का बेटा है । तेरे पापा तो बड़े अमीर हो गए बेटा । पहले बहुत गरीब थे । एक बार मैं तेरे घर गई थी । तब तू बहुत छोटा था ।

चोर को बुढ़िया की मासूमियत पे हंसी आ जाती है , वो हँसते हुए बोलता है - क्या बात करती है अम्मा । मैंने अपने पापा को तो कभी देखा ही नही । माँ कहती है जब मैं पेट में ही था ,मेरे बाप ने मेरी माँ को घर से निकाल दिया और दूसरी औरत ले आया । फिर माँ नानी के गाँव  आ गई ।


बूढी औरत आवेश में बोली है - अरे बाप का राज है क्या । ऐसे कैसे निकल दिया । तेरी माँ ने पुलिस थाना नही देखा था क्या । एक रपट लिखती , तेरा बाप सारी उमर चक्की पिसता । बड़ा आया घर से निकालने वाला ।

चोर सोंचता है की इस घर के और सदस्य आ जाये इससे पहले निकल लेना चाहिए और वो बात काटते हुए कहता है - अब तू आराम कर । बात मत कर । बुखार है ना । सोजा आराम से ।

बूढी औरत को चोर की हमदर्दी बहुत अच्छी लगती है वो कहती है -   अरे बेटा बुखार तो हर दो दिन में आ जाता है ।


चोर सोंचता है इतना बड़ा बंगला है इसके बाद भी बुढ़िया की अच्छे से दवाई नही करवाता कोई, वो आश्चर्य से पूछता है - तो मुकेश तुम्हे डॉ के पास नही ले जाता अम्मा ।

बूढी औरत अपने बेटे की वकालत करते हुए कहती है - ले गया था डॉ के पास । पर दवा कुछ काम ही नही करती बेटा । मेरा मुकेश कहता था चल दूसरे डॉ के पास । पर मेरी बहू ने मना करवा दिया । जलती है मुझसे ।

चोर गुस्से में - क्यों वो कौन होती है मना करने वाली । तू तो इस घर की मालकिन है अम्मा । सारी गलती मुकेश की है ।  ध्यान नही देता तेरा ।

बूढी औरत- ऐसी बात नही है बेटा । मुकेश तो बिलकुल अपने पापा पे गया है । इसके पापा भी ऐसे ही थे । काम में होते सब भूल जाते । पर एक चीज कभी नही भूलते । (हँसते हुए )

चोर - क्या

बूढी औरत -  जलेबी । हा हा । सब कुछ भूल जाते जलेबी लाना नही भूलते । रोज रात को खाने के बाद जलेबी खाते थे हम लोग । अब भी कभी - कभी जलेबी खाने का बहुत मन करता है बेटा । पर अब मुकेश के पापा रहे नही और मुकेश के पास वक़्त ही नही ।

चोर -  ठीक है अम्मा अभी सो जा । कल मैं तुम्हे जलेबी खिलाऊंगा । दवाई खाई ना , आराम करेगी , बुखार जल्दी उतरेगा ।

बूढी औरत -  ठीक है मैं सो जाती हूँ । पर बेटा ऐसे बुखार उतरने से क्या फायदा । दो दिन बाद फिर चढ़ जायेगा । ये गोलियाँ किसी काम की नही है बेटा ।

चोर- ठीक है कल नई दवा ला दूंगा अभी सो जा ।

( चोर बुढ़िया को सुलाकर वापस खिड़की के पास लौटता है । अपने झोले से चुराया हुआ सारा सामान निकालकर कमरे में जस का तस रख आता है । वो बाहर जाने के लिए खिड़की के पास आता है तभी बुढ़िया की आवाज सुनाई देती है । )

बूढी औरत - बेटा । बड़ी जोर की भूख लगी है । लगता है बुखार भी उतर गया । कुछ खाने को दे दे बेटा । चला गया क्या ।

चोर - नही अम्मा ।  यही हूँ अभी ।रुक लाता हूँ कुछ खाने को । 

( चोर किचेन से दूध और ब्रेड लेकर आता है । )

चोर - ये ले अम्मा , दूध ब्रेड खाले ।

बूढी औरत -  ले आया , बहुत भूख लग रही है । तूने कुछ खाया बेटा ।

चोर - अम्मा । तुम खालो मेरा भी पेट भर जायेगा ।


बूढी औरत -  ( सर पे हाथ फेरते हुए ) तू तो मेरे मुकेश की तरह बातें करता है बेटा। बस उसकी बहु मुझे पसंद नही । कहती है विदेश ले जाएगी मेरे मुकेश को । ( रोने लगती है । )  मेरा बेटा मेरे पास रहे तो जलती है वो ।
बड़ी दुष्ट है । कलमुंही ।


चोर - रो मत अम्मा । कोई नही ले जायेगा तेरे मुकेश को तुझसे दूर । उसके कहने से क्या होता है । मुकेश कोई बच्चा थोड़ी न है । जल्दी से खाले और सो जा ।


बूढी औरत - ठीक है बेटा  , तू भी जल्दी घर जा तेरी माँ तेरा इन्तजार कर रही होगी । जा जल्दी जा ।

चोर - हां अम्मा , जाता हूँ अब । (बूढी औरत के पाँव छूता है और  खिड़की के पास जाता है ।)

जाते - जाते उसकी नजर टेबल पर रखे एक लिफ़ाफ़ पर जाती है  , जिस पर यू. एस. ए का पता लिखा है ।  चोर उलटा  - पुलटा के देखता है ये एक मनी आर्डर का खाली लिफ़ाफ़ है जिसपर भेजने वाले के नाम की जगह मुकेश का नाम है । चोर लिफ़ाफ़ को देखकर कुछ सोंचता है, फिर उसे जेब में डालकर खिड़की से कूद जाता है ।


  

Sunday, February 22, 2015

ख़ामोशी

न तुम मुझे कल समझ पाये न तुम मुझे आज समझोगे ,



जो ख़ामोशी न पढ़ पाये तो क्या अल्फाज समझोगे । ।
https://www.facebook.com/pages/Suman-Entertainment/1573371756238884


Friday, January 23, 2015

एहसान है तेरा

ये शेरो - शायरी ये मेरा अंदाजे मुहब्बत ,
ऐ सनम बेवफा मुझपे ये एहसान है तेरा ।। 



Tuesday, January 13, 2015

दर्द दवा हो जाता है

जब हद से दर्द गुजर जाये तब दर्द दवा हो जाता है ,
जब इश्क बंदगी हो जाये तब यार खुदा हो जाता है ,

ये वक्त रेत के जैसा है जितना भी इसे पकड़ते हैं  ,
हाथों से ऐसे फिसलता है की और जुदा हो जाता है,

किस्मत के आगे हारे हैं जाने ये कब से रूठा है ,
जितना हम इसे मनाते हैं ये और खफा हो जाता है ।

तन्हाई है बेचैनी है कुछ सपने हैं टूटे - फूटे   ,
गम की इस कड़ी दुपहरी में दिन और बड़ा हो जाता है,

जब हद से दर्द गुजर जाये तब दर्द दवा हो जाता है ,
जब इश्क बंदगी हो जाये तब यार खुदा हो जाता है ।।






Sunday, January 11, 2015

जुदा होने का डर

तेरे हुजूर में झुका हुआ मेरा सर नही होता ,,
अगर तुझसे जुदा होने का मुझको डर नही होता । ।

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Thursday, January 8, 2015

दोस्ती के नाम पे

कड़वी सही पर बात तो सच्ची कही उसने ,
लोग दिल्लगी करते हैं दोस्ती के नाम पे । । 








यादों के सिवा

तेरी बातें हैं मुहब्बत है कहानी है तेरी ,
मेरे हिस्से में इन यादों के सिवा कुछ भी नही। …………।


प्लीज लाइक मे माई पेज। .......

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Tuesday, January 6, 2015

ये रिश्ता तेरा - मेरा

ये रिश्ता भी क्या खूब है तेरा - मेरा ,
मैं भूल पाती नही तुझे तू याद करता नही मुझे  ।