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Wednesday, June 25, 2014

गहरे हैं समन्दर से ख़्यालात हमारे

मुस्कान छुपा लेते हैं हालात हमारे ,
अरमान हमारे सभी जज़्बात हमारे ।


ऊँची हैं आसमान से उम्मींदें हमारी ,
"गहरे हैं समन्दर से ख़्यालात हमारे ||

तेरा गम

जो भी दे तू प्यार समझ के सितम करम सब रख लेंगे ,

तोहफा तेरा समझ के अब हम तेरा गम भी रख लेंगे ।


ज़िंदगी

खालीपन है तन्हाई है ख़ामोशी है ,
ज़िंदगी अब किसी खाली मकान जैसी है |


Tuesday, June 24, 2014

ख़ुशी

चाहता है हर कोई ख़ुशी चाहने की बात है ,
तय मगर करती है खुद वो रहना किसके साथ है ।  

हमदर्द

कुछ लोग रिश्तों को ऐसे भी निभाते हैं ,
आप हमदर्दी समझते हैं वो उल्लू बनाते हैं । ।



आईना

वो बुलाता था मुझे आईना कह के अपना ,
एक दिन आईने के जैसे मुझे तोड़ गया । ।

Monday, June 23, 2014

तेरे संग ही जीना था तेरे संग ही मरना है

मंजिल भी मेरी तुम ही रस्ता भी मेरे तुम ही ,
तेरे साथ ही चलना है तुम तक ही पहुंचना है ।

तेरा प्यार ही पाना था तेरा प्यार ही पाना है ,
तेरे संग ही जीना था तेरे संग ही मरना है ।



अब कहाँ जिंदगी जिंदगी रह गई है

तेरे बाद तेरी कमी रह गई है ।
दर्द दिल में आँखों में नमी रह गई है ।


तुम्हारे बिना मौत आये तो बेहतर ,
अब कहाँ जिंदगी जिंदगी रह गई है ।


मुस्कान जरूरी है

 जीने के लिए कोई पहचान जरूरी है । 
पाने के लिए सच्चे अरमान जरूरी है । 



उल्फ़त भी जरूरी थी और गम भी जरूरी था ,
अब गम को छुपाने को मुस्कान जरूरी है । 








Sunday, June 22, 2014

वो जज्बात

जब चाहत थी जवां दिल में तुम साथ ना रहे ।
अब आये हो तो दिल में वो जज्बात ना रहे । ।


मैं भी तुझको भूल जाऊँगी

पुरानी याद मत समझो मैं पीछे छूट जाऊँगी ।
मुझे मत छोड़ के जाओ बिछड़ के टूट जाऊँगी ।

मैं तेरे पास थी जबतक मुहब्बत तुम नही समझे ,
तब समझोगे शायद जब मैं तुम से दूर जाऊँगी ।

ये बातें तो है मुश्किल करें तो क्या नही मुमकिन ,
भूला बैठा जो तू अब मैं भी तुझको भूल जाऊँगी । ।


Saturday, June 21, 2014

दूरी ताउम्र रहेगी

गलतफहमियां होती अगर तो दूर हो जाती ,

दिलों में पड़ीं हैं दरार दूरी ताउम्र रहेगी ।




बेवफाई

न अब मुकदमा होगा न गवाही होगी ,
फैसला हो गया अब दिल की रिहाई होगी ।

न अब उम्मींद रखी जाएगी इक दूसरे से ,
न हम करेंगे वफ़ा न तुमसे बेवफाई होगी । ।


Friday, June 20, 2014

हरजाई

बेचैनी थी साँसों में और आँखों में बरसात ,
दिल पागल जिसके लिए रोया सारी रात ,

सुबह को जब आया मिलने वो हरजाई पास ,
थामे आये हाथ में और किसी का हाथ । । 


मैं ऐसा क्यूँ हूँ

अपनी किस्मत से हूँ जो हूँ जैसा भी हूँ ,
मुझसे मत पूछ की मैं ऐसा क्यूँ हूँ ।



Thursday, June 19, 2014

जिंदगी तेरे बाद ना रहे

आना तो दिल में ऐसे की कुछ भी याद ना रहे ,
और जाना तो यूँ की जिंदगी तेरे बाद ना रहे ।


हम जो भी हैं अब तेरे हैं

धड़कन तेरी साँसे तेरी हर इक पल अब तेरे हैं ।
मैं भी तेरी दिल भी तेरा गीत गजल सब तेरे हैं ।

प्यार भी तेरा आँसू तेरे खुशियाँ गम सब तेरे हैं ,
तेरा मेरा कुछ न रहा हम जो भी हैं अब तेरे हैं ।


Wednesday, June 18, 2014

वफ़ा

न मेरी तलाश रख न ख्वाहिश तू मेरी कर ,
वफ़ा कहती है मुझे मैं मिलूँगी न तुझे । 

वो बेवफा है

बड़े प्यार से उसने मुझसे कहा है ,
उसे भूल जाऊं क्यूँ की वो बेवफा है ।

 

तेरा दिल

इस ओर चलूँ उस ओर चलूँ ,
है राह कई इक मंजिल है ।

दिल एक मुसाफिर है मेरा ,
मंजिल बस एक तेरा दिल है ।

 

Friday, June 13, 2014

हमें तुमसे नही फुरसत

बहुत मसरूफ़ हो तुम भी बहुत मसरूफ हैं हम भी ,
तुम्हे खुद से नही फुरसत हमें तुमसे नही फुरसत ।




Thursday, June 12, 2014

फैसला

इतनी जल्दी न सुना फैसला जुदाई का ,

मुझे कुछ वक़्त दे सदमे से निकल आऊंगा  ।।

ऐ याद

हरपल तू घेरे रहती है कुछ पल तन्हा भी रहने दे  ,
ऐ याद जरा सी देर मुझे दुनियां के लिए भी जीने दे । ।



उलझन

मैं  भी  रोया  तू भी रोई , पर  रोने  से क्या होता है ,
मैं  तेरा  हूँ  तू  मेरी  है  , जुदा  होने से  क्या होता हैं | 

है कौन भला इस दुनिया में , जिसको न कोई गम होता है,
जाने से दूर सनम से भी , ये प्यार कहाँ कम होता है | 

जकड़े जाते हैं तन लेकिन , मन बांध कहाँ कोई पाता है,
जब आँख देखती है सपने , मन का पंछी उड़ जाता है |

दुनिया को नही मंजूर है ये , कोई प्यार भरा अफसाना हो,
चाहे जितने भी हो दुश्मन , पर ना कोई दीवाना हो |

मिलती हैं सजाएं उल्फत में , पत्थर बरसाए जाते हैं,
ऐ यारा कर्ज मुहब्त में , ऐसे ही चुकाए  जाते है |

फिर उठेंगी ऊँची दिवारे , लाखों फतवे जारी होंगे ,
जिसे देख कयामत रोएगी , वो सितम ऐसे भारी होंगे | 

ममता देने वाली आँचल , बिल्कुल छोटी पर जायगी ,
खुशियाँ देने वाली आँखे , गम आँखों में भर जायगी | 

टूटेंगे जब दो दिल तबही, इस दुनिया को राहत होगी ,
महफिल में नफरतवालों के , फिर से रुसवा चाहत होगी | 

इस प्रेम डगर में दीवानी  ,  इक मंजिल है दो राहें है ,
उस ओर जमाने की रौनक , इस ओर दर्द और आहें है |  

काँटों से भरे इन राहों पे , चल पाना बड़ा मुश्किल होगा ,
दम निकलेगा अरमानों का , छलनी-छलनी ये दिल होगा | 

 ऐसा ना हो आगे बढके , फिर से पीछे मुडजाना  हो ,
चलने से पहले सोंच जरा , ना की पीछे पछताना हो |

अच्छा होगा तू सुलझाले ,अपनी उमीदों की उलझन , 
ऐसा ना हो तेरे कारण  , जख्मी हो मेरा दिवानापन | 

ये सौदा दिलों का होता है , ये खेल बड़ा ही मुश्किल है ,
तेरे पास जमाने की दौलत , मेरे पास तो बस मेरा दिल है | 

हर गम दुनिया के सह लेगा , ये गम ना दिल सह पायेगा ,
मैं रोक न पाउंगा दिल को , दर्दे गम में बह  जायगा | 

इस दम ही मुझको भूल के तू , कोई ढूंढ़ ले नये बहाने को ,
या तो दे वफाओं की रौनक , या मार दे फिर दीवाने को | 

क्या खोना है क्या पाना है , जो करना है इस दम कर ले ,
अपनाले या फिर ठुकरादे , अपनी उलझन  को कम कर ले | 

गुनहगार

मैं गुनहगार तेरा चाहे जो सजा दे मुझको ,
गले लगाले बस कह दे की तू नाराज नही । ।



Wednesday, June 11, 2014

रात रानी

आरजू विनती रही सारी बेमानी किसलिए ।
रूठ जाती है तू मुझसे रात रानी किसलिए ।

किस खता की दे रही है रोज तू मुझको सजा ,
तेरे - मेरे बीच में ये खींचा - तानी किसलिए ।

जीत तेरी हो गई ले हार मैंने  मान ली ,
मान भी जा अब तेरी ये आनाकानी  किसलिए।

 ये बता मुझसे जियादा कौन तुझपे मर मिटा ,
बन रही है और की जाके दीवानी किसलिए ।

नींद हैं न खाब हैं बस रात काली तू नही ,
भूल गई आखिर मेरी चाहत पुरानी किसलिए ।



रोनेवाला

बेवजह रोये जा रहा है वो रोनेवाला ,
उसे समझाओ कोई उसका नही होनेवाला । 

सच

मैंने जिस दिन से कसम खाई है सच बोलने की ,
मेरे कई अपने उसी दिन से न बोले मुझसे । 

जिंदगी

जो तू न छोड़ती तो तुझे छोड़ देते  हम ,
अच्छा है जिंदगी तू चार दिन के लिए थी ।


Tuesday, June 10, 2014

मत पूछो अब कैसा उसको खोकर लगता है

साँसें बेदम लगती है जी धूं कर जलता है ।
मत पूछो अब कैसा उसको खोकर लगता है ।

पूछ रहे हो मुझसे तुम क्यूँ मेरा नाम पता ,
मैं जिन्दा हूँ तुमको ऐसा क्यूँकर लगता है ।

मैं जब मेरे साथ नही फिर तुम क्या दोगे साथ ,
तन्हा - तन्हा दिल अब उसका होकर लगता है ।

जीना भी अच्छा नही लगता अब तो उसके बाद ,
अच्छा तो अब याद में उसकी रोकर लगता है ।

वादा सात जनम का ले लो प्यार न होगा कम ,
दिल को राहत अब तेरा गम लेकर मिलता है । 

वो मेरे ख़ाबों में आता है

दिवाना दिल मेरा अब भी वही धुन गुनगुनाता है ।
उसी को याद करता है जो इसको भूल जाता है ।

जमाने बाद मेरे नाम आई गाँव से चिट्ठी ,
लिखा है लौट के आजा बहुत तू याद आता है ।

मेरे सर पे बहुत इल्जाम आये हैं मुहब्बत में ,
वफ़ा ने पूछा इकतरफा मुहब्बत क्यूँ निभाता है। 

मैं तेरे साथ हूँ गम में की कोई साथ हो न हो ,
वो अक्सर कह तो देता है मगर फिर भूल जाता है ।

दिल डरता है फिर रूसवाइयां उसकी न हो जाये ,
खबर दुनियाँ को ना हो वो मेरे ख़ाबों में आता है । ।


Monday, June 9, 2014

तेरा साथ

मुसीबत भले साथ मेरे चले ,
अन्धेरें राहों में घेरे चले ,

परवाह नही कोई चिंता नही ,
अगर दोस्त तू साथ मेरे चले ।।


सीसे सा दिल

मैंने कहा उससे की सीसे सा कोमल है मेरा दिल ,
उसने तोड़ के देखा फिर कहा सच कहा तुमने । ।  

ऐ दिल

ऐ दिल तू ऐसा निकलेगा सोंचा ही नही था ,
दुनियां के आगे रोया तू ऐसा तो  नही था । । 

वो दिल जला के रहते हैं

वो पहले मुस्कुरा के मिलते थे ,
अब नजरे चुरा के मिलते हैं ।

वो जो अपना बना के रखते थे ,
अब फासले बना के रखते है ।

वो ख़ुशी बाँट लिया करते थे ,
अब गम भी छुपा के चलते है ।

वो पहले भी दिल में रहते थे  ,
अब  भी रहते हैं मगर,
दिल जला के रहते हैं ।



मुहब्बत आजमाते हैं

ये इश्क वो रस्ता है जिसपे चलने के बाद ,
लोग जीते जी जीने की चाहत छोड़ देते हैं ।

सुना हमने ये था जाता नही ये रोग जीवन भर ,
जाने लोग अब कैसे मुहब्बत छोड़ देते हैं ।

तुम भी छोड़ दो आना हमारे ख़ाब में हमदम ,
हम भी राह तकने की ये आदत छोड़ देते हैं ।

तुम भी मुस्कुराओ और हम भी मुस्कुराते हैं ,
मुहब्बत आजमाते हैं शिकायत छोड़ देते हैं । ।







Sunday, June 8, 2014

तेरे गम

अब वो पल नही मौसम नही ,
तुम तुम नही हम हम नही ।

तेरे गम अगर जो मेरे गम नही,
ये भी सितम कुछ कम नही । ।



दिल की बेचारगी

ऐ दिल बेचारगी से तू जहाँ को देखता है क्या ,

ये दुनियादारी है अब तुझको भी यही सीखना होगा ।। 

घुटन

न वो कह सका ना मैं सुन सकी,
न वो समझा सका न मैं समझ सकी,

वो कहे बिना घुटता रहा ,
मैं सुने बिना घुटती रही ।


Saturday, June 7, 2014

यकीन

तुझे हो न हो मुझे है तेरी जीत का यकीन ,
अब मान भी ले ,
तुझे तुझसे जियादा जानती हूँ मैं ।  । 

ऐ दोस्त

 प्यारी हैं मुझे खुशियाँ पर इतनी नही प्यारी ,


की इनके लिए ऐ दोस्त मैं सौदा तेरा करूँ । ।



चाहे तू जितनी बार आ

चाहे तू जितनी बार आ जितना बदल के आ ,

पहचान न लूँ तुझको अगर फिर मुझे कहना । ।



Thursday, June 5, 2014

मैं डूबी जब भी इश्क में

मैं डूबी जब भी इश्क में मैं पार हुई हूँ ।
जब तैरती रही हूँ तब मैं हार गई हूँ । ।


मैं इन्तजार में

कच्चे इरादे होते जो झूठी वफ़ा होती ,


तो मैं इन्तजार में तेरे बैठी नही होती । 

शायरी

अच्छा है सब चले गए अब मैं हूँ और है तू ,

जहां बात रुकी थी वहीं से फिर करें शुरू । । 

ऐ प्यार दे सजा

मुझसे गुनाह है हुआ ऐ प्यार दे सजा ,

दो पल को सहीं मैं तुझे भूला तो क्यों भूला । 

तेरी प्रेम दीवानी

दिल ऐसा नाराज हुआ ऐसी जिद ठानी ।
ऐसी रूठी मैं दीवानी फिर ना मानी ।

उसने दी आवाज मगर वापस ना आई ,
उसने बहुत मनाया पर मैं एक न मानी ।

उसने खत में नाम मेरे सब वादें भेजे,
संदेशे में भेजे सारी याद पुरानी ,

मैंने खत को पढ़े बिना ही जला दिए सब ,
फेर दिए वादे सब फेंके याद पुरानी ।

उसने कहा मैं हो गई हूँ पत्थर के जैसी ,
भूल गई मैं उसको उसकी प्रेम कहानी ।

हँसके मैं बोली तुम ज्यादा देर से आये ,
दर्द हुए नासूर सुख गए आँख के पानी ।

मैं अब मैं न रही न दिल पहले के जैसा ,
बरसों पहले मर गई तेरी प्रेम दीवानी । । 

सात जन्मों की दीवानी बन गई

रेत पर लिखी कहानी बन गई ।
जिंदगी खंडहर पुरानी बन गई ।

घर का छप्पर ले गया तूफान जब  ,
मेरे घर दरिया तूफानी बन गई ।

हो गई जब से दुआ पूरी मेरी ,
दिल पे उसकी मेहरबानी बन गई ।

ना कोई सबूत ना कोई गवाह ,
मुजरिम मैं जरिये-जुबानी बन गई ।

वो दिवाना इक जनम का और मैं  ,
सात जन्मों की दीवानी बन गई । 

दोस्ती जिम्मेदारी है

सोंचा तुम्हे बतादूं दिल पे बोझ बहुत ही भारी है ।
खेल न समझो दोस्त दोस्ती बड़ी सी जिम्मेदारी है ।



बिन बोले भी मैंने तेरे गम इस दिल पर झेलें हैं ,
मेरे दिल में गम उठा है आज तुम्हारी बारी है । । 

Monday, June 2, 2014

इक गलतफहमी

वो गलत था या मैं गलत थी ,
या वो सहीं था या मैं सहीं थी । 


या की भरम हो गया था मुझको ,
ये इक गलतफहमी तो नही थी । 

दिल जलता है

धूं - धूं कर के जी जलता है ।
मैं जलता हूँ दिल जलता है ।


कुछ न कुछ मसला तो होगा ,
कौन भला यूँ ही जलता है ।  

दोस्तों से वफ़ा नही करता

अब किसी बात पे दिल खुश हुआ नही करता ।
हाथ उठते हैं पर कोई दुआ नही करता ।



क्या कहें उसको जो दोस्ती कर ले मगर  ,
कभी भी दोस्तों के संग वफ़ा नही करता । 

कोई सवाल मत पूछो

है दिल में उठा कैसा बवाल मत पूछो ,
मुझे किस बात का कितना मलाल मत पूछो,



कुछ पल रहने दो अपनी वफ़ा की छाँव में ,
गले लगालो बस कोई सवाल मत पूछो ।




Sunday, June 1, 2014

मुझे अब दोस्तों पे ऐतवार न होगा

हो गया एक बार बार - बार न होगा ।
ऐ जिंदगी मुझे अब तुझसे प्यार न होगा ।



मुझे मुआफ कर ऐ दोस्त दोस्ती की कसम ,
मुझे अब दोस्तों पे ऐतवार न होगा । । 

मेरी खता

गुनाह तेरी नही मैंने ही खता की होगी ।
मेरी ही बद्दुआ मुझको ही लग गई होगी ।


तू जो दोस्ती निभा न सका है दिल से ,
जरूर मेरी दोस्ती में ही कमी होगी । ।  

शायरी

ले निशाने पे लग गए सारे तीर तेरे ,
देख छलनी हुए दिलों जां सभी मेरे ।


निशाने पे निशाने लगें अचूक सभी ,
कायल हो गए ले आज से हम भी तेरे । ।   

दिल का मेल मुश्किल है

जो दिल में गाँठ पर जाये तो दिल का मेल मुश्किल है ।
दिलों से खेलने वाले ये दिल का खेल मुश्किल है  ।


जलूँगी मैं अगर मुझसे कहीं ज्यादा जलेगा तू ,
दिल के मामले में होना मेरा फेल मुश्किल है ।