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Thursday, June 27, 2013

शायरी

हर इक हसीन से वो रिश्ते - यार रखते हैं ,,,


न जाने दिल वो कितने हजार रखते हैं । 

मैं अपने पिया को मनाने लगी

रूठ जाने की आदत बुरी तो नही ,
पर रूठे जो वो जान जाने लगी ।

दिल धड़कने लगा साँस चढ़ने लगी ,
याद रह - रह के उनकी सताने लगी ।

मेरी हालत पे आता था उनको मजा ,
उनकी ये बेरुखी दिल जलाने लगी ।

आँखे बरसी यूँ जैसे की बरसात हो ,
बेखुदी धडकनों  पे यूँ छाने लगी ।

हारकर अपने दिल से दिल के लिए  ,
मैं अपने पिया को मनाने लगी । 

Wednesday, June 26, 2013

शायरी

मुझसे भला ये कैसी दुश्मनी निभा रहा ,,
                                तेरे सामने वजूद क्या तेरे बीमार का ।

घुट - घुट के तेरी याद में मरने से भला है  ,                       
                            इक बार में ही मार दे फिर चाहे जहाँ जा । 


याद उसकी आ रही मुझको

उसे मेरी याद आई है की मौसम ही कुछ ऐसा है ,
यूँ ही तो नही सुबह से हिचकी आ रही मुझको ।

जरा सी बात है की उसको मेरी याद आई है ,
न जाने क्यूँ बहुत ही याद उसकी आ रही मुझको ।

ये अच्छा है की मेरी याद उसको आ गई लेकिन ,
ये अच्छा नही की याद उसकी आ रही मुझको ।

की अब न नींद आएगी की रातें यूँही जाएगी ,
इरादा यादों का क्या है समझ में आ रही मुझको ।

वफाओं का सिला है ये मुहब्बत में मिला  है ये  ,
की बस ये हाल है की याद उसकी आ रही मुझको ।



सनम बेवफा

मुझे मालुम था की इश्क में ऐसा भी होता है । 
                           हँसता है जो जितना ज्यादा वो उतना ही रोता है । 

वफायें नाम की ही रह गई दुनियां में कहने को ,
                                ज्यादातर सनम तेरे जैसा बेवफा ही होता है । 

Tuesday, June 25, 2013

मना लिया करो

आये और चला जाए मुहब्बत नही है वो ।
जो दिल में ठहर जाए मुहब्बत उसे कहो  ।

मैं ही कहूँ हर बार मुहब्बत मुझे तुमसे ,
तुम भी तो कभी हाले दिल बयाँ किया करो ।

कोई कम निभाया और कोई ज्यादा निभा गया  ,
दोस्तों में ऐसी छोटी बातें ना किया करो ।

ये बिच की दुरी जो मिटानी है हमनवा ,,
कुछ हम चला करें तो कुछ तुम चला करो ।

अच्छा है मुहब्बत हुई नफरत नही हुई ,
दिल नही जला खुदा का शुक्रिया करो ।

मैं गुस्सा करूं नाराज हूँ या बात ना करूँ ,,
ये प्यार है मेरा न तुम दिल पे लिया करो ।

तुमने दुखाया दिल मेरा तुमको चलो हक था ,
पर ज्यादा न सताया करो मना लिया करो ।

ऐ दोस्त

मुझको ये तेरी बेरुखी कहीं मार न डाले ।
                           ऐ दोस्त मेरी दोस्ती का ये सिला न दे ।

कितनी दुआओं बाद मिली ऐसी दोस्ती ,
                  तुझको कसम न तोड़ के मिटटी में मिला दे । 

Monday, June 24, 2013

शायरी

रहने दो तमाशा ये दोस्ती के नाम का ।
                       न हम तेरे न तुम मेरे रिश्ता है नाम का ।

सुबह हुई दुआ सलाम की हो गये यार ,
              और शाम ढलते ढलते सब किस्सा तमाम था । 

ऐ दिल सम्भल के चल

ऐ दिल सम्भल के चल यहाँ कांटे भी बहुत है ,,,
चाहत में कली की कहीं जख्मी न हो जिगर ।

नाजुक सा अभी तू तुझे मालुम नही है ,,
फिरते हैं लुटेरे बहुत आशिक के नाम पर ।

रहते हैं दिल में जबतलक उनको पसंद हो ,,
जब जाते हैं रख देते हैं टुकड़ों में तोडकर ।

कोई गिला शिकवा करो आयें न लौट कर  ,
ऐ दिल न किया कर तू ऐतवार टूटकर  । 

Sunday, June 23, 2013

मेरी दोस्ती

सबसे करीब दिल के रहती है दोस्ती ।
बोले बिना बहुत कुछ कहती है दोस्ती ।

महसूस दिल करता है बयाँ कर नही पाता  ,
जुबां कह नही पाती कैसी लगती है दोस्ती ।

होक जुदा हम दोस्तों से रह नही सकते ,
बनके लहू रग रग में यूँ बहती है दोस्ती ।

Saturday, June 22, 2013

हम हार गये दिल

जाने मेरी वफ़ा का कब तुमपे असर हो । 
आवाज देके थक गये ना जाने किधर हो । 

ऐसा न हो  तेरे प्यार में हो जाए फना हम ,
बेवजह इल्जामें - कत्ल आपके सर हो । 

नफरत को भी गर चाहें मुहब्बत में बदल दें ,
दुश्मन को माफ़ करने का मिजाज़ अगर हो । 

मलाल जिन्दगी से रखते हैं दीवाने ,
जो इश्क के मारे उन्हें क्यूँ मौत का डर हो । 

ऐसी अदा  देखि न थी पहले कहीं तौबा ,
न तीर न खंजर चले पर चाक जिगर हो । 

तुम जित गये दिल मेरा हम हार गये दिल  ,
जो भी था मेरा आज से सब तुझको नजर हो । 

Friday, June 21, 2013

गमे - इश्क

कोई इश्क का क्या गुमां करे । 
दिन रात दिल जो जला करे  । 

जल - जलके राख भी ना हुए ,
बस आग उठे धुआँ करे । 

हर ओर पहरा है इश्क का  ,
कोई किस तरह से बचा करे । 

दुश्मन को भी न ये रोग हो ,
दिन रात दिल ये दुआ करे । 

न जाने कब वो सुने मेरी ,
गमे - इश्क दिल से जुदा करे । 

Thursday, June 20, 2013

शायरी

इक तू है तेरी बात है चर्चा है बस तेरा ,

कुछ लोग कह रहे थे मुझपे तेरा असर है ।

कुछ भी कहे दुनियां मुझे दुनियां का गम नही ,

कहीं इश्क तो नही है ये इसी बात का डर  है ।  

भ्रष्टाचारियों का ऐलान

झूठों को तख्तो - ताज की नेमत नसीब है । 
सच बात की सजा मिले कुछ ऐसा वक्त है । 

जो जितना बड़ा चमचा उसे उतना बड़ा ओहदा ,
अनशन में हैं बैठे यहाँ जो देश - भक्त हैं । 

कोई नही बोलेगा भ्रष्टाचार के खिलाफ ,
भ्रष्टाचारियों का ये ऐलान सख्त है । 

वो कह रहें हैं जल्दी ही बदलाव आएगा ,
ठहरो जरा "अभी देश लुटने में व्यस्त हैं । 

Monday, June 17, 2013

यादों को रोका नही जाता

ये हाल जिंदगी का अब देखा नही जाता ,,

सोंचू भी कुछ तेरे सिवा सोंचा नही जाता ।

आफत है तेरी याद चली आती कभी भी ,

दिन हो या रात यादों को रोका नही जाता । 

Sunday, June 16, 2013

शायरी

दीदार को उनके निगाह बे -करार थी ,
                       हद न रही दिल को उनके इन्तजार की ।

जाने कितनी बार टूटी नींद खुली आँख ,
                         इश्क जैसे रात - भर सर पे सवार थी ।


अच्छा नही लगता

मैं और कोई बात करूं अच्छा नही लगता ।

प्यार कहूँ प्यार सुनूँ अच्छा लगता है ,
पर दर्द कहूँ दर्द सुनूँ अच्छा नही लगता ।

किसके पास गम नही है इस जहान में ,
बस मैं ही इक हल्ला करूं अच्छा नही लगता ।

तुमने ही दिया दर्द है तुम्ही न सुनोगे ,
किसी और से शिकवा करूँ अच्छा नही लगता ।

दिन भर तुम्हारी याद में बेचैन रहूँ मैं  ,
और रातभर रोया करूँ अच्छा नही लगता ।

क्या रखा है दुनियां में कहो प्यार के सिवा ,
बिना प्यार के जिन्दा रहूँ अच्छा नही लगता । 

Saturday, June 15, 2013

इश्क बे - वजह क्यूँ दी

दिल तो इश्क का राही था मुलाजिम तो न था  ,
कोई बताये तो मुझे इश्क ने सजा क्यूँ दी ।

जब भी सजदा किया खुदा का सनम याद आया ,
दवा करने गये थे और गम बढ़ा क्यूँ दी ।

दिल को कहते हैं सब दिल तो खुदा का घर है ,
मेरे खुदा ने घर में रह के घर जला क्यूँ दी ।

बहुत ही दर्द है दिल में मेरे सुनता क्यूँ नही ,
मैंने माँगा तो न था इश्क बे - वजह क्यूँ दी । 

तुम बदला नही करना

कुछ कह सकूँ ऐसे मेरे हालत नही हैं ,
चुपचाप गुजर जाऊं तो शिकवा नही करना ।

ताना तुम्हे देगा जहाँ मुझे बेवफा कहके ,
दुनियां की बातें बे-वजह सुना नही करना ।

कितने अजीज हो मुझे तुमको भी पता है ,
मेरे प्यार पे शक करके तुम रोया नही करना ।

दुनियां तो मजा लेती है ऑरों  के दर्द का ,
हर एक से ये राजे - दिल कहा नही करना ।

अच्छा -  बुरा जो भी हो समय आता है सबका,
बस जुदाई की बातों को ही सोंचा नही करना  ।

मुझपे यकीन रखना हम मिलेंगे एक दिन ,
पर रोज - रोज राह भी देखा नही करना ।

रखना सम्भाल कर सदा मेरे प्यार को दिल में ,
बदलेगा वक्त फिर भी तुम बदला नही करना । 

Friday, June 14, 2013

हौसला चट्टान सा

हालात के मारे हुए रोते भी हैं हँसते भी हैं ।
                   तोड़े तो नही जा सके टूटे हुए लगते भी हैं ।

तूफ़ान सा उठता है गम तबाह करने को जहाँ ,
             डरते भी हैं पर हौसला चट्टान सा रखते भी हैं ।

पागल जैसा


दीवानगी ने हाल ये कैसा बना दिया  ।
                  पत्थर थी तूने छूकर सीसा  बना दिया ।

जब देखती हूँ आइना दीखते हो मुझे तुम ,
                  तेरे प्यार ने तो पागल जैसा बना दिया । 

शायरी

तमाशाए -  मुहब्बत यूँ हो गया होगा ।


मैं जिसकी याद में जागी हूँ वो तो सो गया होगा ।  

मैं कौन हूँ मेरा नाम क्या

मैंने कहा उससे की अब परदा उठा के जा ।

दिल में जो तेरे है वो सबकुछ बता के जा ।

जबसे तू गया है मैं कहीं खो सी गई हूँ ,

मैं कौन हूँ मेरा नाम क्या ये तो बता के जा । 

Thursday, June 13, 2013

खिलौना मेरा टूट गया

बहुत दूर साथ चला था वो मेरा साथी मगर ,
कहीं इक मोड़ पे वो साथी मेरा छुट गया ।

बहुत प्यारा था मिटटी का खिलौना मुझको ,
मेरे ही हाथ से न जाने कैसे टूट गया ।

न मुझे चाँद की ख्वाहिश थी न सितारों की ,
प्यारा वो खाब था जो आँख खुली टूट गया ।

वो इतनी दूर है आवाज मेरी सुनता नही ,
जाने क्या बात हुई ऐसी की वो रूठ गया ।

आँखों - आँखों में मुहब्बत जो हुआ करती थी,
उन्ही आँखों में मेरा सारा जहाँ छुट गया । 

शायरी

दुआ है मेरी उनकी हर दुआ कबूल हो ।
                    शामिल रहूँ मैं बनके दुआ उनकी दुआ में ।

मुझको मेरे दोस्त अगर भूल भी जायें ,
                             याद मैं आऊं उन्हें हर एक दुआ में । 

Wednesday, June 12, 2013

आशिक तो रहेंगे

तेरे दर्द ने मुझको ये क्या से क्या बना दिया ।

आशिक थे आशिक से शायर बना दिया ।

तू लौट आ तेरी कसम शायरी न करेंगे ।

शायर न रहें तो भी क्या आशिक तो रहेंगे । 

Tuesday, June 11, 2013

मेरे दोस्त मुझसे दूर हैं

देके दवाई थक गये अब तो वैध भी लाचार हैं ।

दंग हैं क्या दवा करें अब कौन सा उपचार है । 

उनको कोई समझाये तो ये जो मर्ज है लाइलाज है ,

मेरे दोस्त मुझसे दूर हैं दिल इसलिए बीमार हैं ।



शायरी

मुहब्बत का कम से कम ऐसा चलन हो ।
                न बेचैनी उलझन न गम न जलन हो ।

जमीं पर जुदाई -  जुदाई हो जिनके ,
              गगन में तो उनका सनम से मिलन हो । 

शायरी

वो तहजीब क्या जो टूटकर बिखर जाये ,
                  वो तस्वीर क्या जो दिल में न उतर जाए ।

इश्क है आग जलाती है जो उमर भर को ,
                ये वो जहर नही जो चढ़ के फिर उतर जाए । 

शायरी

वो मेरे मरने के मातम में भी जो आ जाये ,,,


जिन्दगी ना सही मेरी मौत सफल हो जाए । 

Monday, June 10, 2013

दगाबाज

आखिर बना गया मुझे अपनी ही तरह वो ,,,,,


मैं जो कल उसको कहती थी मुझे सब आज कहते हैं ,,
उसकी ही तरह मुझको भी दगाबाज कहते हैं । 

शायरी

मैं किस्सों में कहानी में गजल में ढल गई ऐसे ,,,


की अब तो दर्द पे मेरे मुझे सब दाद देते  है । 

शायरी

रात जले बेकरारी में दिन गुजरे खुमारी में ,


अगर यही इश्क है तो इश्क से तौबा किया मैंने । 

शायरी

मार डालेगा मुझे ये इश्क इसका गम नही ,

गम ये है मेरी मौत की साजिश में तू शामिल रही । 

Saturday, June 8, 2013

ऑरों से ज्यादा खुश हम है

सब के अपने -अपने गम है ।
गम के मारे तुम हो हम है ।  

जीवन का मतलब ही ये है  ,
सहलो जितना उतना कम है । 

नींद नही है चैन नही है ,
दर्द है इतना आँखें नम है । 

तेज है धड़कन दम घुटता है ,
हर इक साँस में जी बेदम है । 

ह़ार न फिर भी मानी हमने ,
जीने का जज्बा ना कम है । 

जैसे हैं जिस हाल में भी है ,
ऑरों से ज्यादा खुश हम है । 

Friday, June 7, 2013

शायरी

कहने को लब खोले तो थे ये सोंचकर के चुप रहे ,,,,


वो प्यार भी क्या प्यार जिसको कहके समझाना पड़े ।

Tuesday, June 4, 2013

इश्क के दर पे चढ़ादी सीधी - सादी जिन्दगी

जान छोड़ी जा सके न इश्क छोड़ा जा सके ,
या खुदाया किसकदर मुश्किल बनादी जिन्दगी ।

एक दिन ऐसा भी था  बस प्यार था और खुशियाँ थी ,
जाने हमने किस गली में वो गंवादी जिंदगी ।

लोग सारे हंस रहे हैं छीन कर  मासूमियत ,
बेसबब ही दाव पर हमने लगादी जिंदगी ।

क्या हंसी वो दिन थे अपने कितनी मीठी रात थी ,
इश्क के दर पे चढ़ादी सीधी - सादी जिन्दगी । 

शायरी

पंडित फकीर मौलवी को बुलाओ ।
                           करो झाड फूक या बूटी खिलाओ  ।

जतन करके कोई बला ये हटाओ ,
                           मुझे लग गया रोग दिल का बचाओ । 

Sunday, June 2, 2013

मेरे हाथ में कुछ भी नही गम के सिवा मैं क्या करूं

ये बात भी क्या बात है ये भी तमाशा खूब है ।
वो जो और की बाँहों में है वो ही मेरा महबूब है ।

न चैन है न करार है बस गम है और जूनून है ।
ढूंढा बहुत मिलता नही जाने कहाँ  सुकून है ।

मुझे छोड़ दो मेरे हाल पर मुझे दर्द होता है तो हो ,
गम है तो है इस बात का मुंह मोडकर वो गया तो क्यों ।

सबके लिए जो खेल है वो रोग कैसे हो गया ,
मुझे जान से प्यारा था जो वो ही खिलौना खो गया ।

क्या बताऊं हाल मैं अब किस तरह हालात हैं  ,
सुलगे हुए अरमान हैं बिखरे हुए जज्बात हैं ।

अब क्या करूं शिकवा गिला जो होना था वो हो गया ,
लौटा भी दे मौला मेरे मेरा नींद चैन कहीं खो गया ।

उसको भी गम मुझको भी गम हालात का सब दोष है ,
वो भी उधर दीवाना सा हम भी इधर मदहोश हैं ।

उसको सुकून अदा करो मौला मैं तुझसे दुआ करूँ ,
मेरे हाथ में कुछ भी नही गम के सिवा मैं क्या करूं । 

शायरी

मेरे यार ने मेरे प्यार का मत पूछिये क्या सिला दिया ,,


हम खत न जिनके जला सके वही दिल हमारा जला गया । 

शायरी

मेरी रात लम्बी हो गई दिल जल रहा बे - इन्तहां ,

ऐ दिल कहाँ से लाऊं मैं बतला तेरे गम की दवा ।

सबके लिए जो सुकून है मेरे लिए वो बद्दुआ ,

हम होश में तो रहे नही तुम ही कहो हमे क्या हुआ । 

Saturday, June 1, 2013

शायरी

मेरा गम उसको होता है उसका गम मुझको होता है ।

खून के रिश्ते झूठ लगे जब ऐसा दोस्त मिला करता है ।

कंधे पे जिसके सर रखके हम अपना गम रो सकते हैं ,

किस्मत वालों को ही कोई ऐसा दोस्त मिला करता है । 

शायरी

किस -किस को मेरे दोस्तों मेरा गम हुआ कहो ।

कुछ भी न कर सके तो रब से दुआ करो ।

इतना भी न कर पाओ तो मेरे दोस्तों सुनो ,

बेवजह मुझे दोस्त - दोस्त ना कहा करो ।