Sunday, March 3, 2013

यूँ ही नही कोई हालात से डरता होगा

यूँ  ही  नही कोई  हालात से डरता होगा ।
झूठ कहता है तो सच बात से डरता होगा ।

तन्हा छोड़ गया होगा जब कोई राहों में ,
 इसीलिए वो किसी साथ से डरता होगा ।

नींद जब लाख मनाने से न मानी होगी ,
तभी वो जागती हर रात से डरता होगा ।

नही देता है किसी को भी अपने दिल का पता ,
पुराने जख्म के आघात से डरता होगा ।

कभी फुर्सत में भी खुद से हंसके मिलता नही ,
दिल जलाते हुए जज्बात से डरता होगा ।
 
यूँ  ही  नही कोई  हालात से डरता होगा ।
झूठ कहता है तो सच बात से डरता होगा ।

No comments:

Post a Comment