Thursday, January 3, 2013

नव वर्ष का आगाज इस तरह रखिये

 नव वर्ष का आगाज , इस तरह रखिये,
न जाति हिन्दू ऑ  , मुसलमा रखिये ।

इक मजहब , देस - प्रेम को बनाये सब ,
अपना ईमान-धरम ,हिन्दोस्तां रखिये ।

एक ही सपना , उन्नति वतन की हो ,
अपनी आँखों में , देश भक्ति ही बसा रखिये ।

झुक जाये कदमों में , खुद- ब -खुद दुनियां ,
देस का  रुतबा, कुछ इस तरह बना रखिये ।

मन से भेद - भाव , द्वेष को मिटाते चले ,
दिलों में हिन्दू -मुसलमां न, हिन्दुस्तां रखिये ।

No comments:

Post a Comment