Thursday, January 10, 2013

भारत दर्शन करलो भाई

नये वर्ष में नव भारत की , नई योजना की अगुआई ,
चर्चा का बाजार गरम है  ,  भारत दर्शन करलो भाई ।

है  चोरों  के  हाथ  में  शासन ,  दारोमदार  लुटेरों  पर ,
अँधा  राजा  , बहरे  मंत्री  ,  लूट  मची  है  जोरों  पर ,

मान हुआ है उसका ज्यादा , जिसने ज्यादा माल दबाई ।
चर्चा का बाजार गरम है  ,  भारत दर्शन करलो भाई ।

पूरब-पश्चिम,उत्तर -दक्षिण , राज्य-राज्य से भिड़े पड़े हैं ,
देश -प्रेम सब भाड़  में जाये , राज्य देश से बड़े - बड़े हैं ,

राज -धर्म सिखलाता है ये  , आपस में ही करो लड़ाई ।
चर्चा का बाजार गरम है  ,  भारत दर्शन करलो भाई ।

किसानों की हालत ये है  , रोज आत्महत्या करते हैं ,
इतनी  महंगी  हुई  है रोटी ,  आधे पेट भरा करते हैं ,

जीवन जीना दूभर है अब  ,  मुंह चिढाती है महंगाई ।
 चर्चा का बाजार गरम है ,भारत दर्शन करलो भाई ।

चलन कामिनी बनने का  अब  , ना राधा है ना सीता है ,
पुरुष भी अब पुरुषत्व भूलकर ,भंवरा सा बनकर जीता है ,

किसको दोष लगायेंगे जब ,अपनी लुटिया आप डूबाई ।
चर्चा  का बाजार गरम है  ,  भारत दर्शन करलो भाई ।

 जमुना और भी काली हो गईं , गंगा जी का सूखा पानी ,
संस्कार के नाम पे रह गये , बीते युग और बात पुरानी ,

इतना दूषित जन जीवन है , किस गौरव की करे दुहाई ।
चर्चा का बाजार गरम है  ,  भारत दर्शन करलो भाई ।

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